प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सागर पर लिखी एक भावुक कविता

प्रधानमंत्री ने किया सागर और मां प्रकृति को प्रणाम



नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी के तट पर टहलते-टहलते वह भावुक हो गए और उन्‍होंने सागर और उसके गुणों पर एक कविता की रचना कर डाली। प्रधानमंत्री श्री मोदी दूसरे भारत-चीन अनौपचारिक शिखर सम्‍मेलन के लिए चेन्‍नई के महाबलीपुरम में थे।

    'हे सागर तुम्‍हे प्रणाम' शीर्षक वाली यह कविता समुद्र के साथ प्रधानमंत्री के निजी भावनात्‍मक संबंध को बयान करती है।


    प्रधानमंत्री ने अपने निजी ट्वीटर हैंडल @narendramodi  पर यह कविता जनता के साथ साझा की है। 



कल महाबलीपुरम में सवेरे तट पर टहलते-टहलते सागर से संवाद करने में खो गया।

ये संवाद मेरा भाव-विश्व है।

इस संवाद भाव को शब्दबद्ध करके आपसे साझा कर रहा हूं-