कमिश्नर ने फीवर क्लिनिक में पूछा 'मुझे बुखार है, अब आप क्या करेंगे'

कमिश्नर एवं कलेक्टर ने फीवर क्लिनिक का किया निरीक्षण


उज्जैन। उज्जैन संभाग कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा एवं कलेक्टर श्री आशीष सिंह शनिवार को सिविल हॉस्पिटल जीवाजीगंज में स्थापित फीवर क्लिनिक में पहुंचे। कमिश्नर ने फीवर क्लिनिक का निरीक्षण किया एवं फीवर क्लिनिक में ड्यूटीरत डॉक्टर से सवाल किया कि 'मुझे बुखार है, अब आप ये बतायें कि मेरा कितने प्रकार का टेस्ट होगा और अब आप क्या करेंगे। मरीजों को आप कैसे ट्रीट करते हैं।' डॉ. खुर्शीद लोहावाला ने बताया कि हम सर्वप्रथम फीवर क्लिनिक में आने वाले मरीजों की स्केनिंग करते हैं। टेम्प्रेचर नापते हैं। फीवर पाये जाने पर लक्षण के आधार पर दवाई देते हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य टेस्ट भी करते हैं। मौके पर ही कमिश्नर श्री शर्मा की स्केनिंग की गई, उनका टेम्प्रेचर 97 डिग्री फेरेनहाइट पाया गया। कमिश्नर एवं कलेक्टर ने फीवर क्लिनिक का निरीक्षण कर रजिस्टर चेक किया। मरीजों के नाम एवं मोबाइल नम्बर का अवलोकन किया। दवा वितरण स्टाल एवं नेत्र परीक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने नेत्र परीक्षण केन्द्र में सीटिंग व्यवस्था चेंज करने के निर्देश दिये। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि यदि किसी मरीज में कोरोना के लक्षण परिलक्षित होते हैं तो उनका सेम्पल माधव नगर अस्पताल में भेजा जाता है। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के समय फ्लू एवं अन्य रोग के इलाज हेतु फीवर क्लिनिक के माध्यम से स्वास्य्त संस्थाएं संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देश दिये कि शत-प्रतिशत मरीजों के सेम्पल लिये जायें। कमिश्नर ने चिकित्सालयमें डॉक्टर के नाम एवं मोबाइल नम्बर सम्बन्धी बोर्ड लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने मौके पर मौजूद मरीजों से कहा कि यदि उनमें कोई भी बुखार के लक्षण पाये जाते हैं तो वे घर में न बैठ जायें, अपितु अपने स्वास्य्ल की जांच करायें। कोरोना से लड़ाई लम्बी है, लेकिन उज्जैनवासी अपनी हिम्मत और हौसलों से ये लड़ाई जीतेंगे। उन्होंने कहा कि सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। मास्क एवं सेनीटाइजर का उपयोग करें। कमिश्नर ने सभी को हिदायत दी कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। उल्लेखनीय है कि फीवर क्लिनिक प्रात: 9 बजे से सायं 4 बजे तक संचालित किये जा रहे हैं।
तत्पश्चात कमिश्नर एवं कलेक्टर जिला सिविल चिकित्सालय में स्थापित फीवर क्लिनिक का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने फ्लू ओपीडी, सेम्पलिंग कक्ष एवं रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण किया। बताया गया कि क्लिनिक में सर्दी, खांसी, जुकाम, फ्लू के मरीज जांच कराने हेतु आते हैं, किन्तु अपना सेम्पल देने से डरते हैं। कमिश्नर एवं कलेक्टर ने फीवर क्लिनिक में मौजूद 64 वर्षीय डॉ. जीएस धवन की सराहना की। डॉ. धवन हाल ही में कोरोना को हराकर स्वस्थ हुए हैं। कमिश्नर एवं कलेक्टर ने डॉ. धवन की सराहना की कि उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति से कोरोना को मात दी, जो लोगों को प्रेरित करेगा। बताया गया कि क्लिनिक में आने वाले मरीजों के नाम एवं नम्बर पोर्टल में इन्द्राज किये जाते हैं।
कमिश्नर एवं कलेक्टर तेजनकर हॉस्पिटल पहुंचे। तेजनकर हॉस्पिटल में भी फीवर क्लिनिक स्थापित किया गया है। फीवर क्लिनिक की जगह देखकर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिये कि छोटी जगह पर स्थापित फीवर क्लिनिक से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। जगह कम होने के कारण स्टाफ एवं मरीज दोनों ही असुरक्षित हो सकते हैं। अत: शेड लगाकर क्लिनिक संचालित किया जाये। कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिये कि दवाई के लिये मरीज को हॉस्पिटल के अन्दर न भेजा जाये, अपितु फीवर क्लिनिक में ही दवा उपलब्ध कराई जाये। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि फीवर के मरीज एवं कोरोना के लक्षण वाले मरीज मिक्सअप न हो। दोनों को अलग-अलग रखा जाये। मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना लक्षण प्राप्त मरीजों की रिपोर्ट माधव नगर अस्पताल भेजी जाती है। साथ ही प्रतिदिन आने वाले मरीजों का रिकार्ड रखा जाता है।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अंकित अस्थाना, आयुक्त नगर निगम श्री क्षितिज सिंघल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्य्र अधिकारी डॉ.महावीर खंडेलवाल सहित सम्बन्धित अधिकारीगण मौजूद थे।