भगवान श्रीराम के साथ हो महर्षि वाल्मीकी मूर्ति स्थापना


रतलाम। देश के समस्त वाल्मीकी समाज राम मंदिर ट्रस्ट से यह मांग करता है कि श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या में बनाये जा रहे भव्य राम मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम के साथ ही महर्षि वाल्मीकी जी की मूर्ति की भी स्थापना की जाये।
समस्त विद्वान जन कहते हैं कि यदि रामायण के रचियता महर्षि वाल्मीकी जी नहीं होते तो भगवान श्रीराम को कोई नहीं जान पाता। 15 अगस्त से श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण हेतु भूमिपूजन होने जा रहा है। मंदिर निर्माण के नक्शे में महर्षि वाल्मीकी जी की मूर्ति की स्थापना के लिये जगह नहीं दिये जाने से देश के समस्त वाल्मीकी समाज मे रोष व्याप्त है। जो सम्मान महर्षि वाल्मीकी जी को दिया जाना चाहिये, वह नहीं दिया जा रहा है। यह समस्त वाल्मीकी समाज का अपमान है। यदि राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा महर्षि वाल्मीकी जी की मूर्ति की भी स्थापना नहीं की जाती है तो वाल्मीकी सेना उग्र आंदोलन करेगी। वाल्मीकि सेना रतलाम के जिलाध्यक्ष बाबू गोसर ने यह माँग की।