राठौर समाज में बेटी के जन्म पर माता-पिता के अभिनंदन की अभिनव परंपरा है


उज्जैन। राठौर समाज में बेटी के जन्म पर घर-घर जाकर माता-पिता का अभिनंदन करने की स्वप्रेरित अभिनव परम्परा बन गई है।
खाचरौद अभियान प्रमुख राजेश सोलंकी ने बताया कि देश मे लिंग अनुपात में अंतर और भ्रूण हत्या से बढ़ते सामाजिक असंतुलन के खिलाफ उभरता राठौर समाज मिशन द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के रूप में एक सकारात्मक पहल विगत चार वर्षों से प्रारम्भ की गई है। यह अभियान सम्पूर्ण मप्र में अब समाज की परंपरा बन रही है। यह अभियान जगह-जगह स्वस्फूर्त चल रहा है। राठौर समाज का सामाजिक जन आंदोलन बन गया है। जीवन में बेटी का आना एक नए जीवन का प्रारम्भ है। वे परिवार धन्य है, जिनके घर नन्ही परी आई है। ऐसा ही शुभ अवसर श्रीमती ममता प्रकाश राठौर पूर्व पार्षद खाचरौद की सुपुत्री श्रीमती निकिता रवि राठौर बड़नगर के घर आई नन्ही परी। मप्र में उभरता राठौर समाज मिशन की यह 650वीं नन्ही परी है, जिसका खाचरौद में सम्मान किया गया। बेटी के माता व नाना-नानी व परनानीजी का अभियान को प्रारम्भ करने वाले सामाजिक उत्प्रेरक आर. एन. राठौर  उज्जैन तथा अमरसिंह राठौर, श्रीमती शांति राठौर, श्रीमती लक्ष्मी राठौर व श्रीमती सुनीता राठौर ने नन्ही परी का तिलक लगाकर दुपट्टा व अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया।